भात पूजा

भात पूजा

मंगल ग्रह शिव पुत्र मंगल उग्र अंगारक स्वभाव के हैं । मंगल ग्रह की शांति के लिए ब्रम्हाजी, ऋषियों, मुनियो, देवताओ एवं मनुष्यों ने सर्व प्रथम पंचाम्रत अभिषेक के बाद दही और भात Continue reading

महामृत्युंजय जाप

महामृत्युंजय जाप

महामृत्युंजय मंत्र उज्जैन अवंतिका नगरी में कालो के काल महाकाल रहते हैं । महामृत्युंजय का जप महाकाल वन में  करने से विशेष प्रकार की उर्जा एवं विशेष प्रकार का आशीर्वाद प्रदान होता है । Continue reading

अर्क/ कुम्भ विवाह

अर्क/ कुम्भ विवाह

अर्क एवं कुम्भ विवाह – जिनकी जन्म कुंडली में वेदन्या दोष रहता है, उस दोष की निवृत्ति इसलिए कराइ जाती है, क्योंकी उस दोष में दो या दो से अधिक विवाह के योग होते हैं । वेदन्या दोष यदि लड़के Continue reading

कालसर्प दोष

कालसर्प दोष

काल सर्प दोष – जातक की जन्म कुंडली में राहू और केतु के बीच सभी ग्रह आते हैं तो काल सर्प दोष होता है एवं राहु और केतु के बिच 6 ग्रह आ जाए, परंतु एक ग्रह बाहर रहे तो आंशिक काल Continue reading

अंगारकार शांति

अंगारकार शांति

अंगारक दोष – वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि किसी भी जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के साथ राहू या केतु में से किसी के साथ, के स्थान या दृष्टि से सम्बन्ध स्थापित हो जाये तो ऐसी जन्मकुंडली में अंगारक दोष Continue reading

मंगल शान्ति

मंगल शान्ति

मंगल दोष निवारण के लिए दही और भात का पूजन किया जाता है मंगल जो उग्र गर्म स्वाभाव के हैं, स्वयं अंगारक रूप में हैं । मंगल गृह की उग्रता की शांति के लिए शिवलिंग Continue reading