मंगल शान्ति

मंगल शान्ति

मंगल दोष निवारण के लिए दही और भात का पूजन किया जाता है मंगल जो उग्र गर्म स्वाभाव के हैं, स्वयं अंगारक रूप में हैं । मंगल गृह की उग्रता की शांति के लिए शिवलिंग के ऊपर अपना नाम गोत्र बोल के दही भात पूजन किया जाता है । दही भात पूजन से मंगल को शीतलता प्रदान होती है । दही भात पूजन से मंगल की उग्रता की शांति होती है, उससे मंगल दोष दूर होता है । जिन जातक की कुंडली में 1, 4, 7, 8, 12  इन स्थानों  पर मंगल ग्रह रहते हैं, तो विशेष पूजन कर उस दोष का निवारण किया जाता है, यदि शुभ मंगल रहता है, तो चिकित्सा क्षेत्र, प्रशासनिक क्षेत्र एवं सेना में किसी भी प्रकार की पद उन्नति होती है ।

शिव स्वरुप में मंगल है इन 21 विभागों के मालिक । मंगल पूजन 21 कारणों के लिए किया जाता है-

  • भूमि प्राप्ति
  • मंगल दोष निवारण
  • दीर्घ आयु
  • धनप्राप्ति
  • समस्त विघ्न
  • कर्ज से छुटकारा
  • पुत्र प्राप्ति
  • समस्त रोगों का नाश
  • शत्रुओं परपूर्ण विजय
  • शीघ्र विवाह
  • शत्रु रहित राज्य
  • नवग्रह अनुकूलता
  • शुभ वर एवं वधु प्राप्ति हेतु
  • गृहदोष निवारण
  • सर्व कामनाओं की प्राप्ति
  • पूर्ण आरोग्य
  • यश प्राप्ति
  • सम्पूर्ण ऐश्वर्य प्राप्ति
  • समस्त विद्या प्राप्ति
  • धर्म अर्थ का ममोक्ष प्राप्ति
  • अभीष्ट सिद्धि